
अव्वल-अव्वल उस का हँसता चेहरा देखा जा सकता है
इक ही लम्हे में फिर मौसम अच्छा देखा जा सकता है
दिलकश चेहरा मय-कश आँखें बिखरी ज़ुल्फ़ों से तुम निकलो
देखो तो फिर दो आँखों से दुनिया देखा जा सकता है
— Arman Habib
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