0
Atul Singh

Atul Singh

December 4, 2022

बहर #1 हज़ज मुसम्मन सालिम

बहर #1 हज़ज मुसम्मन सालिम

इस Blog में हम जिस बहर को detail में जानेंगे उसका नाम है "हज़ज मुसम्मन सालिम"। डरिए मत! ये नाम याद रखने की आपको ज़रूरत नहीं है। अगर आप उर्दू ग़ज़लें लिखते हैं तो मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूँ कि आप सभी ने इस बहर में ग़ज़ल व शेर ज़रूर लिखे होंगे।

Atul Singh

Atul Singh

December 10, 2022

बहर #2 बहर-ए-ख़फ़ीफ मुसद्दस मख़बून अबतर

बहर #2 बहर-ए-ख़फ़ीफ मुसद्दस मख़बून अबतर

आज की क्लास में हम जिस बहर को बारीकी से जानेंगे उसका नाम है "ख़फ़ीफ मुसद्दस मख़बून अबतर"। आप सोच रहे होंगे यह कैसा अजीब नाम है और कितना भयावह है।यक़ीन मानिए आप जब इसका रुक्न रूप देखेंगे तो आपको यह बहर सबसे आसान लगेगी।चलिए फिर अब हम इस बहर का रुक्न रूप देखते हैं।

Atul Singh

Atul Singh

December 17, 2022

बहर #3 कामिल मुसम्मन सालिम

बहर #3 कामिल मुसम्मन सालिम

आज की क्लास में हम जिस बहर को बारीकी से जानेंगे उसका नाम है कामिल मुसम्मन सालिम। इस बहर का नाम जितना आसान है, लिखना भी उतना ही आसान।इसी के साथ आज हम आपको बहर के nomenclature के नियम से भी रू-ब-रू कराएँगे।

Adnan Ali SHAGAF

Adnan Ali SHAGAF

December 28, 2022

बहर #4 बहर-ए-मुज़ारे'अ मुसम्मन मक़बूज़ मख़बून मक़तू'अ

बहर #4 बहर-ए-मुज़ारे'अ मुसम्मन मक़बूज़ मख़बून मक़तू'अ

अभी तक के ब्लॉग में हमने जिन बहरों के बारे में बात की थी उनमें एक मुरक्कब मुज़ाहिफ़ बहर भी थी।सो आज की क्लास में भी हम जिस बहर की बारीक-बीनी से छानपटक कर रहे होंगे वो भी एक मुरक्कब मुज़ाहिफ़ बहर है। जिसका नाम बहर-ए-मुज़ारे'अ मुसम्मन मक़बूज़ मख़बून मक़तू'अ है।

Adnan Ali SHAGAF

Adnan Ali SHAGAF

January 21, 2023

बहर #5 बहर-ए-मुज़ारे'अ मुसम्मन अख़रब

बहर #5 बहर-ए-मुज़ारे'अ मुसम्मन अख़रब

आज का ब्लॉग काफ़ी इंटरेस्टिंग होने वाला है क्योंकि आज जिस बहर पर हम क्लास करेंगे उसमें nomenclature का part बहुत कम है साथ ही साथ वक़्फ़ा (यति/stoppage) और शिकस्त-ए-नारवा जैसी चीज़ों को जानेंगे जो इस बहर में लिखते समय ज़रूरी हैं।