Meaning of

यतीम

yateem • یتیم

अनाथ; माता-पिता के बिना

orphan; one without parents

یتیم; والدین کے بغیر

Arabic

मिरे माँ बाप जन्नत से नज़र रखते हैं मुझ पर अब मिरे दिल में यतीमों के लिए इक ख़ास कोना है — Amaan Pathan
माँ के होने की अज़मत से हो तुम भी ना वाक़िफ क्या है ज़िंदगी बिन माँ पूछो ये यतीमों से — Aqib khan
ख़ुशनसीबी है तुम्हारी सर पे है जो माँ का हाथ हम यतीमों को पता है ये दुआ क्या चीज़ है — Amaan Pathan
क्यूँँ किसी को यतीम कहते हो सारी दुनिया यतीमख़ाना है — Saarthi Baidyanath
जो यतीमों को अपना नहीं मानते वो ख़ुदा की ये रहमत नहीं जानते — Meem Alif Shaz

'यतीम' शब्द एक गहरी एकाकीपन और असुरक्षा की भावना को जगाता है। कविता में, यह केवल माता-पिता की अनुपस्थिति का प्रतीक नहीं है, बल्कि एक गहरे अस्तित्वगत अकेलेपन का भी। जीवन के विशालता में भटकती हुई एक अनाथ आत्मा की छवि हृदयस्पर्शी और मार्मिक है।

'यतीम' का उपयोग कवि अक्सर त्याग और लालसा की थीम को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक हृदय को निराश्रित प्रेम द्वारा छोड़े गए या एक आत्मा को एक ऐसे संसार में अपनापन खोजते हुए दर्शा सकता है जो उदासीन लगता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'यतीम' उन लोगों की मौन पुकारों को पकड़ता है जो अकेले भटकते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो हृदय की गहरी इच्छाओं के साथ गूंजता है।