khule aasmaañ ka kinaara dikha hai | खुले आसमाँ का किनारा दिखा है

  - Manohar Shimpi

खुले आसमाँ का किनारा दिखा है
कई दूर से फिर नज़ारा दिखा है

बहुत ख़ूबसूरत लगे आसमाँ जब
चमकता कोई फिर सितारा दिखा है

सफ़र में मिला जो क़रीबी लगे है
वो हमराह ही तो हमारा दिखा है

शराब-ए-हक़ीक़त कहाँ अस्ल में है
किसी शख़्स का वो सहारा दिखा है

पराया लगा वो मुझे दूर से ही
तेरी आँख से ही वो प्यारा दिखा है


कहाँ जाम कोई किसी का छलकता

वही आज कल का सहारा दिखा है
वही दिल-कशी है वही आरज़ू है

'मनोहर' वो दिलकश नज़ारा दिखा है

  - Manohar Shimpi

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