दिल की बातें समझाने आए हैं
दिल से दिल ही बहलाने आए हैं
आँखों में रहता है कोई अपना
सपना थोड़े समझाने आए हैं
बारिश गिरती तो ऐसा लगता है
बादल बनके परवाने आए हैं
माँझी को दूरी तो तय करनी है
कश्ती थोड़े लहराने आए हैं
जब भी खिलते गुलशन फूलों से ही
ख़ुशबू बनकर महकाने आए हैं
सच्चे दिल से ही मिलने आए हैं
हम थोड़े ही बहकाने आए हैं
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