जाँ से प्यारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
मुझ को मारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
सामने बैठा है जो वो 'नीर' कोई और है
वो तुम्हारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
आप बेहद ख़ूब-सूरत हैं मगर समझें ज़रा
दिल सँवारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
उन पे लानत है जिन्होंने लाश पर नज़्में कहीं
सर उतारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
और शकुनी के जहाँ में ज़िन्दगी बस इक जुआ
दाँव हारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
इस का मतलब है कि हम दिल से निकाले जा चुके
घर बुहारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
'नीर' कपड़ो का उतरना लाज़िमी है कोठे पर
मन उतारा जा चुका है तालियाँ बजती रहे
— Neeraj Neer















