rakesh jee chhup chhup ke nazaara nahin hogaa | राकेश जी छुप छुप के नज़ारा नहीं होगा

  - Rakesh Mahadiuree

राकेश जी छुप छुप के नज़ारा नहीं होगा
और होगा भी तो इस सेे गुज़ारा नहीं होगा

क़ुदरत ने बनाया है सभी के लिए इसको
शायर कभी ऐ दोस्त तुम्हारा नहीं होगा

जितनी है चमक यार तेरे होने से मुझ
में
उतना कभी रौशन कोई तारा नहीं होगा

जिस शख़्स को हर वक़्त ही अच्छे की तलब हो
चालाक हो सकता है वो प्यारा नहीं होगा

मैं चुप रहा तो चाँद ने अँगड़ाइयाँ मारी
मैं बोल पड़ा प्यार दुबारा नहीं होगा

बेशक किसी को चाहिए पर ध्यान ये रखिए
बस प्यार मुहब्बत से गुज़ारा नहीं होगा

उस आइने में हम तो सँवर भी नहीं सकते
जिस आइने में अक्स तुम्हारा नहीं होगा

मैं प्यार का बन्दा हूँ कि मुझ सेे न उलझ चाँद
पानी भी मेरी आँख का खारा नहीं होगा

  - Rakesh Mahadiuree

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