यारों का यार था वो
दिल की पुकार था वो
मयख़ाने का था साक़ी
महफ़िल बहार था वो
हम दर्द था सभी का
गो राज़दार था वो
— Rizwan Khoja "Kalp"
दिल की पुकार था वो
मयख़ाने का था साक़ी
महफ़िल बहार था वो
हम दर्द था सभी का
गो राज़दार था वो
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