motiyon kii tarah jagmagate raho | मोतियों की तरह जगमगाते रहो

  - SALIM RAZA REWA

मोतियों की तरह जगमगाते रहो
बुलबुलों की तरह चहचहाते रहो

जब तलक आसमाँ में सितारे रहें
ये दुआ है मेरी मुस्कुराते रहो

इतनी ख़ुशियाँ मिले ज़िंदगी में तुम्हें
दोनों हाथों से सबको लुटाते रहो

हम भी तो आपके जाँ-निसारों में हैं
क़िस्सा-ए-दिल हमें भी सुनाते रहो 

इन फ़ज़ाओं में मस्ती सी छा जाएगी
अपनी ज़ुल्फ़ों की ख़ुशबू उड़ाते रहो

रात यूँँ ही न कट पाएगी जाग कर 
कुछ तो मेरी सुनो कुछ सुनाते रहो

  - SALIM RAZA REWA

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