हो रही है ख़ुशी ये बताते हुएवक़्त कितना हुआ अब छुपाते हुएजिस भी शब ख़्वाब में मैं ने देखा तुझेसुब्ह आँखें खुली मुस्कुराते हुए— Shahanwaz Ansari