मिले न दिल तो भला उन से मिल के क्या कीजे

वफ़ा तो ये है कि फिर रास्ता जुदा कीजे

ख़ुद आ के देखें पयम्बर भी नस्लएआदम को
हरम को चलिए फिर उस को सनमकदा कीजे

बग़ैर उन के जि
यूँ और फिर मैं ख़ुश भी रहूँ
क़ुबूल हो न मेरी बद-दुआ दुआ कीजे

जनाबएशैख़ न ख़ौफ़एख़ुदा न ख़्वाहिशएहूर
कभी तो नेकी कोई बे-ग़रज़ किया कीजे

लबों को सीजिए आँखों को फोड़िए हैदर
उन्हें जो देख लिया हक़ भी अब अदा कीजे

— Haider Khan

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