ज़ईफ़ों की दु'आओं का असर देखो
हुई है ज़िंदगी ख़ुश अब बसर देखो
रखी है मौत मुट्ठी में सनम जब से
नहीं है हादसों में अब कसर देखो
चली है बात कितनी दूर तक यारों
मिरी इस बात का भी तो सफ़र देखो
कमी रहने लगी अब दुश्मनों की भी
मिरे यारों की ये झूटी ख़बर देखो
लगा था साथ देगा उम्र भर तक वो
है बदली उस ने अपनी अब नज़र देखो
— Usman Saifi















