Krishan Kant Saini

Krishan Kant Saini

@Krishankant

Krishan Kant Saini shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Krishan Kant Saini's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उस की आँखों में यूँ खोना पक्का है फिर इश्क़ होना — Krishan Kant Saini
तू मुझे कल ही मिला है पर बता देता हूँ अब बिछड़ने वाले ख़ुद को ही सज़ा देते हैं — Krishan Kant Saini
बरस बीते तो ज़्यादा याद आता है मुझे क्यूँ कोई इतना याद आता है — Krishan Kant Saini
रस्सी वो देखता ही रहा टकटकी लगाए जब तक कि घर में बिल्कुल अँधेरा नहीं हुआ — Krishan Kant Saini
तेरी बिखरी हुई यादों से अब मैं नई ग़ज़लें बनाना चाहता हूँ — Krishan Kant Saini
मेरी इक ही तमन्ना है कि मैं अब तेरे ख़्वाबों में आना चाहता हूँ — Krishan Kant Saini
बहुत यारी कमाई मैं ने पर अब मैं बस पैसा कमाना चाहता हूँ — Krishan Kant Saini
ख़ुद को इतना भी न खोना रस्सी हो जाए खिलौना — Krishan Kant Saini
एक चारा-गर से पूछा करता था वो रोगी इश्क़ में ज़ख़्मी हो गर तो क्या दवा देते हैं — Krishan Kant Saini
ख़्वाब भी जा न पाएँ मेरे जहाँ तेरी मंज़िल वही डगर है क्या — Krishan Kant Saini
छोड़ा है मुझ को तू ने तो इतना बता ज़रा कैसे कटेगी उम्र जो तेरा नहीं हुआ — Krishan Kant Saini
सोचता रहता हूँ अपने बारे में अब क्या हुआ करता था और क्या हो गया — Krishan Kant Saini
मुझे हँसते हुए देखा है तुम ने मैं अब ग़ुस्सा दिखाना चाहता हूँ — Krishan Kant Saini
एक ज़िद थी कि मैं छोड़ दूँ ये जहाँ एक ज़िद में ही ख़ुद से जुदा हो गया — Krishan Kant Saini

Ghazal