Shobhit Dixit

Shobhit Dixit

@Shobhit_Dixit

Shobhit Dixit shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shobhit Dixit's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

4

Content

34

Likes

76

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

Sher

पत्थर दिल के आँसू ऐसे बहते हैं जैसे इक पर्वत से नदी निकलती है — Shobhit Dixit
पापा का वो हल्का वाला कुर्ता पहना कंधे पे कुछ भारी भारी सा लगता है — Shobhit Dixit
देखा जिस मेहताब ने तुम को उस को उस की ईद मुबारक — Shobhit Dixit
अब तो मेरे सारे सावन बीत गए बिन मौसम अब बादल बरसे उस सेे क्या — Shobhit Dixit
पहले दरवाजा खटकाया जाता था अब तो पहले फ़ोन मिलाया जाता है — Shobhit Dixit
मेरे दुख को मुझ सेे ज़्यादा कौन समझा मेरा दुख भी बिल्कुल मुझ-सा हो रहा था — Shobhit Dixit
जिन हाथों से हो कश्मीर बनाते तुम काश उसी से हर तक़दीर बनाते तुम — Shobhit Dixit
दिन-ब-दिन तुम ख़ूब-सूरत हो रही हो दिन-ब-दिन हम और पागल हो रहे हैं — Shobhit Dixit
साँप को अपना बनाया जा रहा है आस्तीनों में बसाया जा रहा है — Shobhit Dixit
हँसकर के कितना रोते हैं लड़के भी लड़के होते हैं — Shobhit Dixit
बाकी है तुम को तुम सेे माँगे जाना वैसे तो शिव से भी तुम को माँगा है — Shobhit Dixit
हर सफ़र में ख़ूबसूरती को चाहिए कुछ हसीन लोग और प्यारे रास्ते — Shobhit Dixit
तजरबा जितना बढ़ने लगता है आईना शक्लें पढ़ने लगता है — Shobhit Dixit

Ghazal

Nazm

"लड़के भी लड़के होते हैं" हँसकर के कितना रोते हैं लड़के भी लड़के होते हैं आग दिलों में लगा रहे ख़ुद को ख़ुद से भगा रहे दिन दिन भर के दृश्य इन्हें हैं रात रात भर जगा रहे सपने सब पूरे करने हैं ये नींद अधूरी सोते हैं हँसकर के कितना रोते हैं लड़के भी लड़के होते हैं कुछ चाहा था जो मिला नहीं पर उस का कोई गिला नहीं गर वक़्त पलटता है अवश्य तो हार कोई सिलसिला नहीं इनको जो पाना होता है उसपर सब कुछ खोते हैं हँसकर के कितना रोते हैं लड़के भी लड़के होते हैं क़ुदरत का है अभिशाप इन्हें मतलब रोना है पाप इन्हें यदि दो आँसू दिख जाएँगे दो जन्म हैं पश्चाताप इन्हें ये सिरहाने वाले तकिए पर आँख दबा कर सोते हैं हँसकर के कितना रोते हैं लड़के भी लड़के होते हैं — Shobhit Dixit