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SAAGAR SINGH RAJPUT

Top 10 of SAAGAR SINGH RAJPUT

SAAGAR SINGH RAJPUT

Top 10 of SAAGAR SINGH RAJPUT

    दुआएँ कौन माँगेगा मिरी बिगड़ी तबीअत पर
    मिरा माशूक़ मुझ से आजकल नाराज़ रहता है
    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    जिस दिन मिलेगी तेरी दाद मुझ को
    उस दिन मैं जाँ ख़ुद को शाइ'र कहूँगा
    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    मुझ से भी अच्छी मिल जाएगी तुम को
    रोई है वो लड़की ये कह कर मुझ से
    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    सहता रहा हमेशा हर ग़म ख़ुशी ख़ुशी
    मुझ को मिरे पिता सा कोई मिला नहीं

    हर दर्द बिन शिकायत माँ सह गई मिरी
    लेकिन कभी किसी से कुछ भी कहा नहीं
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    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    वो बे-वफ़ा थी वो बे-वफ़ा है
    सब से बड़ी ये उस की ख़ता है

    दिल तोड़ कर वो ख़ुश है रहे ख़ुश
    मेरी तरफ़ से उस को दुआ है

    धोखा उसे भी दे जाए कोई
    उस के लिए मेरी बद-दुआ है

    उस का नहीं हो कोई जहाँ में
    उस के लिए बस ये ही सज़ा है

    हालात मेरे अच्छे नहीं हैं
    ये दुश्मनों को कैसे पता है

    उस को दिया है सम्मान मैं ने
    सम्मान जिस से मुझ को मिला है

    जो बा-वफ़ा है आशिक़ जहाँ में
    हर बे-वफ़ा उस से ही ख़फ़ा है

    सब लोग समझो आए समझ तो
    मिल कर रहो इस
    में ही भला है

    मेरा नहीं है कोई जहाँ में
    शायद वफ़ा की ये ही सज़ा है

    मेरा नमन वो स्वीकार कर लें
    जिन के दिलों में सच में दया है

    है पूजने के क़ाबिल वही दिल
    मेरे बराबर जो दिल जला है

    कोई दिवाना है क्यूँ दिवाना
    कोई दिवाने से पूछता है

    मैं हूँ सिटी में पर गाँव मेरा
    अब रात दिन रस्ता देखता है

    मिल कर रहो सब वरना जहाँ में
    है कौन कब तक किस को पता है

    'सागर' तिरा बस तेरा रहेगा
    'सागर' तिरा बस तुझ को मिला है
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    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    दिल तुम्हारे नाम पे क़ुर्बान है लड़की
    तुम बनो मेरी मिरा अरमान है लड़की

    सच कहूँ मुझ को मिलेगी बस तिरी उल्फ़त
    इस जहाँ में गर कहीं भगवान है लड़की
    इश्क़ में दस्तार रख दूँ मैं तिरे पा में
    इस क़दर तेरे लिए सम्मान है लड़की

    ये तुझे शायद नहीं मालूम है पर सुन
    मैं तिरा हूँ ये मिरी पहचान है लड़की

    सुन सिवा मेरे तिरा दिल ग़ैर का है गर
    तो बहुत इस
    में तिरा नुक़सान है लड़की

    मारना है जान से मुझ को मिरी जाँ तो
    बस तिरी सच में बहुत मुस्कान है लड़की

    आज तुझ से एक सच्ची बात कहता हूँ
    मैं तिरा आशिक़ मिरी तू जान है लड़की

    अब सिवा तेरे मिरा कोई नहीं होगा
    ये सभी के सामने एलान है लड़की

    प्यार तू ने कर लिया गर ग़ैर से तो सुन
    ये वफ़ाओं का मिरी अपमान है लड़की

    तू मिरी है बस मिरी ये देख कर दुनिया
    आज कल सच में बहुत हैरान है लड़की

    मैं सिवा तेरे किसी को भी नहीं चाहूँ
    इश्क़ का मेरे लिए फ़रमान है लड़की

    आज 'सागर' को मिला है प्यार तेरा तो
    आज से 'सागर' तिरा धनवान है लड़की

    मैं समर्पित कर रहा हूँ ये ग़ज़ल तुझ को
    सच कहूँ ये इस ग़ज़ल का मान है लड़की

    आज भी डरता हूँ मैं इज़हार करने से
    आज भी 'सागर' तेरा नादान है लड़की
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    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    कल तक जिन को सब दिखता था
    वो सब शायद अब अंधे हैं
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    हार नहीं अच्छी लगती
    जीत जिसे भा जाती है
    SAAGAR SINGH RAJPUT
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    जिस बंसी से निकली थी उल्फ़त वाली धुन
    वो दौर-ए-दुनिया में बे-हद आवश्यक है
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    चाँद जैसे नूर सी
    बस ज़रा मग़रूर सी

    आज मैं ने देख ली
    एक लड़की हूर सी
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