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तुम्हारे दर पे आया हूँ तुम्हें अपना बनाने को
ख़ुदा तुम को बना बैठा गया जब मैं भुलाने को
Read Fullख़ुदा तुम को बना बैठा गया जब मैं भुलाने को
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कोई चंदा उतर आए मिरी सुनसान राहों में
मैं पूरी रात सो जाऊँ तुम्हें ले कर के बाहों में
मैं पूरी रात सो जाऊँ तुम्हें ले कर के बाहों में
अगर चर्चे किसी की बेवफ़ाई के कभी होंगे
कोई भी नाम दूजा है हो पहली तुम निगाहों में
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किसी की वो नज़र पहली भुलाने में ज़माने हैं
तुम्हारी दी हुई दौलत से ही पैसे कमाने हैं
तुम्हारी दी हुई दौलत से ही पैसे कमाने हैं
तुम्हारी याद अब हम को नहीं आती गुलाबों से
इसे साबित करूँ ऐसे हज़ारों ही बहाने हैं
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सुनो तुम साथ में चल दो हमारी इस कहानी के
तुम्हें क़िस्से सुनाऊँगा बुढ़ापे में जवानी के
तुम्हें क़िस्से सुनाऊँगा बुढ़ापे में जवानी के
हमारी गाँव पंचायत तुम्हारी हो तो जाएगी
मगर दिन-रात काटोगी यहाँ पर धूल पानी के
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कभी पीछे रही तुम दिल दुखाने से
मुझे तुम जान आई हो फ़लाने से
मुझे तुम जान आई हो फ़लाने से
तभी तुम ने अदब से बात क्या कर ली
तो ख़ुद को ही जुदा जाना ज़माने से
तुम्हारी याद में दिन रात रोया हूँ
भुलाया अब इसे झट इक बहाने से
मिरे रुख़्सार पे सुर्ख़ी लगी ऐसी
कि रख के होंठ भूली हो हटाने से
उसे मैं हाल दिल का अब बताता ही
कि तब तक वो हुई पीछे निभाने से
मुझे फिर से दुबारा याद आया है
बहुत दुख हैं मता-ए-जाँ बनाने से
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वो हम में से ही थे कोई जिन्होंने दिल दुखाया है
अभी कुछ दिन ही पहले निर्भया को भी रुलाया है
अभी कुछ दिन ही पहले निर्भया को भी रुलाया है
अगर वो आज ख़ुद ये देख लेते शे'र क्या कहते
कि अब ग़ालिब के कलकत्ते में तुम ने ख़ूॅं बहाएा है
तुम्हारे घर में माँ-बीवी बहन-बेटी नहीं होती
ये कर के नाम तुम ने सारे मर्दों का डुबाया है
तुम्हें ख़ुद शर्म आनी चाहिए ममता ये कहने में
कि औरत हो के तुम ने फिर उसी का हक़ मिटाया है
सुनो ऐ लड़कियो चीखें हज़ारों साल इस जैसी
तुम्हें हक़ माँगना ऐसी ही चीखों ने सिखाया है
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