
दिल तो मेरा पागल था आँखें भी पागल लगती है
आती जाती हर लड़की तुझ जैसी मुझ को लगती है
साथ तुम्हारा रहता तो इमली भी मीठी हो जाती
बिना तुम्हारे ना जाने क्यूँ शक्कर भी फीकी लगती है
— Yashvardhan Jain
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