@yashvardhanja99721
Yashvardhan Jain shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yashvardhan Jain's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तपता सूरज आजकल किसी को नही चाहिए
सभी को हमेशा चाँद की चांदनी चाहिए
मुफ़लिसों से रिश्ता अब रखता नही कोई
सबको साथ मे आदमी खानदानी चाहिए
तुम्हारे क़दमों की आहट से ये दिल उछल पड़ता है
क्या हश्र होगा जाना जब तुम आकर गले लगाओगी
जिन पत्तियों ने छांव दी उन्हें पैरो तले रौंदा गया
घाव देने वाले गुलाब हमेशा लगे रहे सीने से
क़दर नहीं होती जब मिल जाता है सब आसानी से
बहुत जरूरी है ज़िंदगी में इंतिज़ार होना
मुझे उसकी हर अदाकारी, याद है
रूठना-मनाना हर किस्सा-कहानी, याद है
तस्वीरें फ़ोन से हटा दी है मेने मगर
उसका नंबर आज भी मुँह जबानी, याद है
दिल तो मेरा पागल था आंखे भी पागल लगती है
आती जाती हर लड़की तुझ जैसी मुझको लगती है
साथ तुम्हारा रहता तो इमली भी मीठी हो जाती
बिना तुम्हारे ना जाने क्यों शक्कर भी फीकी लगती है