भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँ रुका है ख़ुश हूँ मैं - Zubair Ali Tabish

भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँ रुका है ख़ुश हूँ मैं
वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं

वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुक्ख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं

Zubair Ali Tabish
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July 1, 2022

आँधियों से लड़ रहे हैं जंग कुछ काग़ज़ के लोग
हम पे लाज़िम है कि इन लोगों को फ़ौलादी कहें

  • 15 Sher
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