हसीन लोगों को भी ख़ुद-सताई महँगी पड़ी
पड़ी भी ऐसी के फिर इंतिहाई महँगी पड़ी
के अब रक़ीब के बारे पता चला है मुझे
पता चला के तुम्हें बे-वफ़ाई महँगी पड़ी
कहा था तुझ सेे ये रस्ता सही नहीं रुक जा
गया ना छोड़ के वो दिल-लगाई महँगी पड़ी
बना लिए थे कई यार उस असीरी में
हमें असीरी से ज़्यादा रिहाई महँगी पड़ी
शुरू शुरू में मुहब्बत मज़ा थी जिनके लिए
बता रहे हैं वो रो रोके भाई महँगी पड़ी
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