dil tira be-qaraar ho jaa.e | दिल तिरा बे-क़रार हो जाए

  - Arohi Tripathi

दिल तिरा बे-क़रार हो जाए
काश तुझको भी प्यार हो जाए

तुझपे मरती हूँ ख़ुद से ज़्यादा मैं
तुझको भी ऐतिबार हो जाए

रक़्स करने लगेगी ये दुनिया
तू मोहब्बत शुमार हो जाए

साथ देना मिरा हमेशा तुम
राज़ गर आश्कार हो जाए

फ़ख़्र मुझको मिरी मोहब्बत पे
'इश्क़ अब बेशुमार हो जाए

शिर्क़ गन्दा गुनाह है मालिक
क्यूँ भला शर्मसार हो जाए

ख़्वाब से तुम बने हो ख़्वाबीदा
अब हक़ीक़त में यार हो जाए

रात दिन बस तिरी इबादत की
तू ख़ुदा एक बार हो जाए

  - Arohi Tripathi

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