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रात तुम्हारी याद में गुज़रे दिन दफ़्तर खा जाता है - Aryan Goswami

रात तुम्हारी याद में गुज़रे दिन दफ़्तर खा जाता है
एक तुम्हारा चेहरा जहन में अक्सर आता जाता है

तुमको तुम हो मुझको मैं हूँ हम की कोई जगह नही
एक बेचारा दिल है मेरा ख्वाहिश में मर जाता है

Aryan Goswami
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Raat Shayari

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