saare kaamon ko chhode kaise khaali baithi hai | सारे कामों को छोड़े कैसे ख़ाली बैठी है

  - Bhoomi Srivastava

सारे कामों को छोड़े कैसे ख़ाली बैठी है
ये पगली उस से मिलने को मतवाली बैठी है

जल्दी कहनी होगी मुझ को अपने दिल की बातें
वरना उस पर इक जादू करने वाली बैठी है

उसके आगे मुझ को कुछ पल्ले थोड़ी पड़ता है
उसके चक्कर में सबके मुँह में गाली बैठी है

मेरे डब्बे में सुंदर झुमके कितने सारे हैं
लेकिन कानों में कब से उसकी बाली बैठी है

गर वो मिल जाए उस सेे बस इतना ही कह देना
जा लड़के कब से तेरी होने वाली बैठी है

  - Bhoomi Srivastava

Pagal Shayari

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