प्रेम के हाव-भाव का धागा
वो परस्पर लगाव का धागा
एक धागा जो सब से ऊपर है
है बहन के बचाव का धागा
हैं तो धागे बहुत ज़माने में
सब से प्यारा है भाव का धागा
खो न जाएँ कहीं बिना इस के
घाट था
में है नाव का धागा
'शुभ' कलाई को देखता है अब
कौन बाँधेगा ख़ाव का धागा
— Dinesh Sen Shubh















