हम उन के निकाले हुए लोगों में हैं शामिलहर हाल में जीने का सलीक़ा हमें मालूमवो फूल जो तोड़े गए इज़हार की ख़ातिरआते हुए किस किस ने है रौंदा हमें मालूम— Amrendra Vishwakarma