besabab ye zindagi hai aaj kal | बेसबब ये ज़िन्दगी है आज कल

  - Gopesh "Tanha"

बेसबब ये ज़िन्दगी है आज कल
साँस लेना ख़ुदकुशी है आज कल

जिसका सारा वक़्त मेरा था कभी
हाथ में उसके घड़ी है आज कल

उसको शायद कोई दूजा मिल गया
मेरे हिस्से बेरूख़ी है आज कल

मेरी मायूसी को छोड़ो तुम कहो
ज़िन्दगी क्या कह रही है आज कल

उसको भूले भी अब अरसा हो गया
और वो क्या कर रही है आज कल

अब महक
में रह गए हैं नाम के
कार्यवाही काग़ज़ी है आज कल

जो छुड़ा कर हाथ भागी थी कभी
खोल कर बाँहें खड़ी है आज कल

मेरी दुनिया देखनी है तो सुनो
मेरी दुनिया तीरगी है आज कल

  - Gopesh "Tanha"

Aawargi Shayari

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