अभी बाक़ी बहुत कुछ इस हवा मेंतिरी ख़ुशबू है फैली हर दिशा मेंकई आशिक़ मरे हैं इस हँसी परनज़ाकत है बहुत तेरी अदा में— jaani Aggarwal taak