अब तो बे-ईमान ख़ुश होबन गए सुलतान ख़ुश होकर लिया सौदा क़लम काबेचकर ईमान ख़ुश होराग दरबारी सुनाकरहो गए दरबान ख़ुश होतुम तो थे सच्चे सिपाहीछोड़ कर मैदान ख़ुश होमेरी ग़ैरत मर गई हैकर के ये एहसान ख़ुश होछीन कर अधिकार मेराहो गए धनवान ख़ुश होचल गई मर्ज़ी तुम्हारीअब तो मेरी जान ख़ुश हो— Kumar Aryan