हर दम आहें भरता हूँ
हर लम्हा मैं मरता हूँ
अब अक्सर तन्हाई में
ख़ुदस बातें करता हूँ
ऐसी वहशत में हूँ गुम
परछाई से डरता हूँ
— Marghoob Inaam Majidi
हर लम्हा मैं मरता हूँ
अब अक्सर तन्हाई में
ख़ुदस बातें करता हूँ
ऐसी वहशत में हूँ गुम
परछाई से डरता हूँ
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