फूल देखता हूँ तो उस की याद आती हैउस की ख़ुशबू ऐसी थी उस का नाम ऐसा थाउस को सोचता हूँ तो मय-कदे में होता हूँउस की आँखें ऐसी थीं उस का जाम ऐसा था— MIR SHAHRYAAR