आज भी हम सोचते हैं
कल के वो ग़म सोचते हैं
तुम नहीं गर सोचते तो
तुम को क्यूँ हम सोचते हैं
हम ने सोचा आप हरदम
हम को हमदम सोचते हैं
हम ने सोचा तुम को हमदम
और हरदम सोचते हैं
चीख़ती है आँख तुम को
हम तो मुबहम सोचते हैं
आप भी सोचो हमारा
आप का हम सोचते हैं
— Meem Mohammed















