जब कभी निज मिलन को जो हम जाते हैं,कुछ अगर हो गिला वो भी कम जाते हैंमोह जब तक रहे, रोते रहते हैं सब,इक समय बा'द आँसू भी थम जाते हैं— Kavi Naman bharat