mujhko bhi doston zaraa ik baar dekhiye | मुझको भी दोस्तों ज़रा इक बार देखिए

  - Najmu Ansari Nazim

मुझको भी दोस्तों ज़रा इक बार देखिए
कैसे मैं इश्क़ में हुआ बेकार देखिए

तुम सेे ही मुझको प्यार है कहती थी और आज
पहचानने से करती है इनकार देखिए

वो तो चली गई मुझे तूफ़ाँ में छोड़ कर
साहिल को ढूँढता हूँ मैं बेज़ार देखिए

पागल तो मैं हुआ हूँ मगर बे-वफ़ा नहीं
है बे-वफ़ा वो अब भी समझदार देखिए

ऐसा नहीं के मुझको ही उसने किया ख़राब
कितनों ने अपना छोड़ा है घर बार देखिए

कहने लगे हो तुम भी ग़लत मुझको यानी अब
तुमको भी उस सेे होने लगा प्यार देखिए

मुजरिम को भी जो अब यहाँ कहते हैं बे-क़सूर
सत्ता में ऐसी बैठी है सरकार देखिए

क़ाज़ी भी उनके हक़ में ही करते हैं फ़ैसले
इतना है जादू उनका असरदार देखिए

देंगे सज़ा-ए-मौत भी वो सबके सामने
फाँसी का दिन भी रक्खा है इतवार देखिए

मुमकिन नहीं कि मौत का 'नाज़िम' को ख़ौफ़ हो
आशिक़ तो सूली चढ़ते हैं हर बार देखिए

  - Najmu Ansari Nazim

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