
मेरे दिल की तमन्ना है,तुम्हें ख़ुद में बसा लूँ मैं
तेरी पलकों के नीचे से,तुझे तुझ से चुरा लूँ मैं
मेरी गज़लें,मेरी नज़्में तो अब तुझ से शुरू होंगी
किताब-ए-दिल के पन्नों में तुम्हें रख कर छुपा लूँ मैं
— Parmod writes
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