"याद मेरी आएगी"
जब दुनिया अपना रंग दिखाएगी
जब तुम्हें वफ़ा समझ आएगी
जब सब छोड़ कर जा रहे होंगे
जब तुम्हारी आँखें भर आएँगी
तुम्हें याद आएगी मेरी
जब सब कुछ तबाह हो जाएगा
साँसें थमने को होंगी तुम्हारी
तुम्हें याद आएगी मेरी
अन्तिम क्षणों में सिसकियाँ भर रही होगी
मन ही मन रो रही होगी
किसी से जब कुछ न कह पाओगी
अपना दर्द न जाता पाओगी
जब कोई न होगा हमदर्द तुम्हारा
जब न होगी किसे परवाह तुम्हारी
तुम्हें याद आएगी मेरी
याद मेरी क़यामत है
इक न इक दिन तो आएगी ही
जो आज इतना हँस रहे हो ना
देखना इक दिन रुलाएगी ही
हमें रुला कर तुम हँसते हो
अरे जनाब मूर्ख बनते हो
देखना ये क़ुदरत इक दिन
तुम्हें सताएगी, तड़पाएगी
ये दुनिया जब अपना नकाब हटाएगी
तुम्हें याद मेरी आएगी















