nahin ho ab yahaañ pe tum bhala ham ab rizhaayein kisko | नहीं हो अब यहाँ पे तुम, भला हम अब रिझाएँ किसको

  - Raunak Karn

नहीं हो अब यहाँ पे तुम, भला हम अब रिझाएँ किसको
यक़ीनन दर्द तो है पर भला अब हम बताएँ किसको

सुनाते थे ग़ज़ल अपनी हक़ीक़त में तुझे मेरे दिल
मगर अब तू नहीं तो अब ग़ज़ल अपनी सुनाएँ किसको

मनाना तो नहीं आता हमें ए यार सच में आख़िर
मगर सीखा मनाना तो भला अब हम मनाएँ किसको

रहा है याद सब कुछ यार हमको तो सही में लेकिन
हमें बस याद हो हर वक़्त तुम अब हम भुलाएँ किसको

  - Raunak Karn

Yaad Shayari

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