ज़ख़्म तो क़ीमती नेमत है तू ये माना करज़ख़्म सीने से लगाएगा तो छा जाएगाजब नहीं करता है कुछ तो है तू इतना आलाख़ुद को पागल जो बनाएगा तो छा जाएगा— Raunak Karn