सब शुरू में हम सेे अच्छा बोलते हैंबे-सबब फिर उल्टा सीधा बोलते हैंआज इक चिड़िया ने मुझ को ये बतायापेड़ इक दूजे से कितना बोलते हैंदोस्त कुछ ऐसे मिले हैं इस सफ़र मेंशे'र कैसा भी हो अच्छा बोलते हैं— Asad Khan