कभी सोचा हुआ होता नहीं है
क़सम से यार कुछ अच्छा नहीं है
सुना था लोग वो बर्बाद होंगे
जिन्होंने प्रेम को समझा नहीं है
तुझे अपना समझ के कह रहा हूँ
ये दुनिया है कोई सच्चा नहीं है
दुआ तो माँगता हूँ रोज़ जा कर
ख़ुदा मेरी ज़रा सुनता नहीं है
— Tiwari Jitendra















