मुहब्बत साथ है तो मौत का पैग़ाम समझो
अगर जो दिल दिया तो जान उसके नाम समझो
कभी पायल बजा कर दिल की धड़कन को बढ़ाएँ
अगर समझो कभी होठों से उसका काम समझो
उसे ऐसे न देखो की ख़बर बनकर चले वो
गुलाबों की तरह है पर उसे तुम आम समझो
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