काला चेहरा लगता है
ग़म का साया लगता है
उस सेे यारी रखने में
अपना पैसा लगता है
भूलें तो कैसे भूलें
यार ज़माना लगता है
अब उसका पीछा करना
एक तमाशा लगता है
उसके हाथ में चाकू भी
आख़िर गुल सा लगता है
फंदे पर चढ़ने वालों
घर को धक्का लगता है
पहली दफ़ा में हर कोई
अक्सर अच्छा लगता है
लड़की वालों से पूछो
घर क्यूँँ सूना लगता है
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