सवाल क्या है जवाब क्या है
खुले न आँखें तो ख़्वाब क्या है
ज़बाँ सही है अगर तुम्हारी
तू ही बता फिर ख़राब क्या है
मिटेंगे हम तो मिटोगे तुम भी
या पूछ राह-ए-सवाब क्या है
— Shubham Rai 'shubh'
खुले न आँखें तो ख़्वाब क्या है
ज़बाँ सही है अगर तुम्हारी
तू ही बता फिर ख़राब क्या है
मिटेंगे हम तो मिटोगे तुम भी
या पूछ राह-ए-सवाब क्या है
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