अभी जंग जारी है हारा नहीं हूँकि हथियार अपना उतारा नहीं हूँज़मीं है ये मेरी न ललकारो मुझ कोसुनामी हूँ मैं कोई धारा नहीं हूँ— Shubham Rai 'shubh'