बस मदद का दिखावा होता है
मतलबी ये ज़माना होता है
सिर्फ़ कहने से कुछ नहीं होता
जो कहा उस को करना होता है
कर्म ही धर्म है बड़ा सब से
कर्म बिन सब अधूरा होता है
जीत की एहमियत वही जाने
जो कई बार हारा होता है
फ़िक्र अंजाम की नहीं मुझ को
रहता होकर जो होना होता है
— Abhay Aadiv















