tum dhoop karte ho to saaya bhi karo | तुम धूप करते हो तो साया भी करो

  - Aamir Ali

तुम धूप करते हो तो साया भी करो
जब मैं बुलाऊँ पास आया भी करो

जो बात दिल में है बताया भी करो
हों ज़ख़्म अच्छे तो सुनाया भी करो

बारिश सुहानी रात दीवानी बड़ी
क़ुर्बत के पल में भीग जाया भी करो

माना गिला शिकवा तुम्हें हर ग़ैर से
कुछ दाग़ अपनों के दिखाया भी करो

गर ये मोहब्बत जो नहीं और इश्क़ है
महबूब को फिर रब बनाया भी करो

गर अब न आए तो कोई ग़म भी नहीं
लम्हें ख़ुशी के यूँँ बिताया भी करो

  - Aamir Ali

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