नया है सफ़र रहनुमाई नहीं है
ख़ुदास मेरी आशनाई नहीं है
सफ़र में मिले हैं कई हम सेफ़र पर
किसी से मेरी हमनवाई नहीं है
ज़माना उसे तो ख़ुदा मानता है
मगर उस ख़ुदा में ख़ुदाई नहीं है
जहाँ में वफ़ा का यही है तराना
वफ़ा आपने भी निभाई नहीं है
हदें आपकी सरहदें आपकी हैं
यहाँ से किसी की रिहाई नहीं है
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