saahil se to har dariyaa ka paani gahra dikhta hai | साहिल से तो हर दरिया का पानी गहरा दिखता है,

  - Darpan

साहिल से तो हर दरिया का पानी गहरा दिखता है,
अंदर जाकर देखो भाई, बाहरस क्या दिखता है ?

आँखों पर पट्टी बंधी है वो भी ऐसे बंधी है,
सबको लगता है अँधा हूँ जबके पूरा दिखता है

इक लड़की से मैंने पूछा, बता बता कैसा दिखता हूँ?
सौ सौ नुक्स निकाले और फिर बोली अच्छा दिखता है

मुझको अपने पास बिठाकर मेरी मुश्किल समझो यार,
दूर खड़े होकर मत बोलो- "पागल लड़का दिखता है"

कभी कभी गार्डन के दरवाज़े पे याद आती है वो,
और फिर सारे फूलों में उसका ही चेहरा दिखता है

जैसे देख रहे थे अब तक वैसे नइ.. ऐसे देखो,
देखा!!.. बोला था ना मैंने ऐसे बढ़िया दिखता है

'दर्पन' इस रस्ते पे तुम इक ऐसा दरिया देखोगे,
जिस दरिया में डूबो तो आगे का रस्ता दिखता है

'दर्पन'

  - Darpan

More by Darpan

As you were reading Shayari by Darpan

Similar Writers

our suggestion based on Darpan

Similar Moods

As you were reading undefined Shayari