हर सजदे में दिल ये मेरा दुआ करे

जिस्म नहीं वो रूह को मेरी छुआ करे

मेरे संग औरों की बातें करता है
उन के संग फिर मेरा चर्चा हुआ करे

जिस दिन भी नम उस की आँखें हो जाएँ
पलकों से वो मेरी पलकें छुआ करे

आधा उन का आधा मेरा रहता है
जिस का भी हो पूरा उस का हुआ करे

— ADARSH AWASTHI

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