सामने तेरे हमारा सोचता हूँ मैं नज़ारे से नज़ारा सोचता हूँडर लगेगा दर्द होगा या ख़ुशी तबजब मिलेंगे हम दुबारा सोचता हूँ— Aman Mishra 'Anant'