एक तो हम ज़रा ख़राब नहीं
ये भी तो कोई कम अज़ाब नहीं
कामयाबी की कोई कोशिश है
और हम उस
में कामयाब नहीं
रूठ जाती है रातरानी जो
ख़ुशबुएँ और भी ख़राब नहीं
एक तेरी नज़र से डरता हूँ
वैसे ये भी तो कम शराब नहीं
और कितने फ़ितूर तारी हैं,
एक से ज़िंदगी ख़राब नहीं
मौत आएगी जान जाएगी
शम'अ बुझती है आफ़ताब नहीं
— anupam shah















